चाला रीती से निर्मित मंदिरों का गांव मलूटी का इतिहास 500 वर्ष पुराना

झारखंड की उप राजधानी दुमका जिले में अवस्थित शिकारीपाड़ा के निकट का छोटा सा गांव मलूटी मंदिरों का गांव के रूप में भी जाना जाता है. यहां 74 पुराने मंदिर जीर्ण अवस्था में है. 1720 ई से लेकर 1840 ई के मध्य में बाज बसंत राजवंशों के काल में कुल 108 मंदिरों का निर्माण चाला रीती द्वारा किया गया था. मलूटी में जगह-जगह प्राचीन मंदिरों के होने की वजह से इसे गुप्तकाशी भी कहा जाता है. इतिहासकारों की माने तो मलूटी का इतिहास 500 वर्ष से भी ज्यादा पुराना है. बाज बसंत वंश के राज्यकाल में बने इन मंदिरों में रामायण, महाभारत व अन्य हिंदू ग्रंथों की कथाओं के दृश्यों का अद्भुत चित्रण है. यहां के मंदिरों की पाषाण मूर्तियां और फलक प्राचीन स्थापत्य कला के अनोखे और दुर्लभ प्रमाण हैं. यही वजह है कि यहां सालों भर पर्यटक मंदिरों में उकेरे दृश्य व अद्भुत चित्रण को देखने आते हैं.

राजाओं के बीच महल बनाने की बजाय मंदिर बनाने की होड़ थी

पूरा आर्टिकल पढिए बेबाकअड्डा पे

 130 total views,  1 views today

Rupesh
Author: Rupesh

By Rupesh

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *